भगवान शिव को तंत्र शास्त्र का देवता माना जाता है।

अघोरपंथ के जन्मदाता भी भगवान शिव ही हैं। पवित्र श्रावण मास चल रहा है। इस महीने में मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा का विधान है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा के दो तरीके बताए गए हैं पहला है सात्विक व दूसरा तामसिक। सात्विक पूजा के अंतर्गत भगवान शिव की पूजा फल, फूल, जल आदि से की जाती है। वहीं तामसिक पूजा के अंतर्गत तंत्र-मंत्र आदि से शिव को प्रसन्न किया जाता है।
July 2, 2018
2-3 लोंग(Clove) अदरक(ginger) और थोडा सा नमक को मिक्स करके उसका पेस्ट बना लीजिये और फिर दिन में दो बार 1 चम्मच करके इस पेस्ट को खाए इससे जुकाम में राहत मिलेगी

Sardi Jukam ke Gharelu Upay

सर्दी जुकाम के इलाज के आयुर्वैदिक उपाय बदलते मौसम के कारण सर्दी जुकाम का होना आम बात है कई बार ऐसा भी होता है धुप में […]
July 2, 2018

Cumin seeds benefits for health

जीरे के चमत्कारिक औषधीय गुण वजन कम करने के साथ साथ यह बहुत सारी अन्य बीमारियां से भी बचता है, जैसे कोलेस्ट्रॉल कम करता है, हार्ट […]
July 2, 2018

Top 10 Ayurvedic Treatments For Dry Skin | रुखी त्वचा के लिए घरेलू उपाय

त्वचा शुष्क होने के कई कारणों में से एक कारण आसपास का वातावरण है। सर्दियों में ठंडी हवा चलने पर त्वचा शुष्क होती है। त्वचा की […]
June 16, 2018

Mantra Jap Vidhi Neyam माला से कैसे करे सही तरीके से मंत्रो का जाप

मंत्र का अर्थ :  मन: तारयति इति मंत्र    अर्थात् जो ध्वनि या कम्पन मन को तारने वाली हो वही मंत्र है | मन्त्र जाप करने से […]
May 23, 2018
अरुण देवता का विनता के पुत्र और गरुड़ के ज्येष्ठ भ्राता के रूप में उल्लेख हुआ है। पौराणिक कल्पना के अनुसार यह 'पंगु' अर्थात् पाँवरहित हैं। प्राय: सूर्य मंदिरों के सामने अरुण-स्तम्भ स्थापित किया जाता है। इसका भौतिक आधार है, सूर्योदय के पूर्व अरुणिमा (लाली)। इसी के रूपक का नाम 'अरुण' है।

Kya aap Garud Dev ke Janam ka Rahasya Jante hai

आप सब गरुड़ देव को तो जानते होंगे पर उनके जनम और उनकी माता पिता के बारे में बहुत काम लोग जानते है हम आज उसी […]