भगवान शिव को तंत्र शास्त्र का देवता माना जाता है।

अघोरपंथ के जन्मदाता भी भगवान शिव ही हैं। पवित्र श्रावण मास चल रहा है। इस महीने में मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा का विधान है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा के दो तरीके बताए गए हैं पहला है सात्विक व दूसरा तामसिक। सात्विक पूजा के अंतर्गत भगवान शिव की पूजा फल, फूल, जल आदि से की जाती है। वहीं तामसिक पूजा के अंतर्गत तंत्र-मंत्र आदि से शिव को प्रसन्न किया जाता है।
February 9, 2018
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February 5, 2018
Shri Atmaram Ji Ka Jeevan Charitra

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इनके जन्म की कोई निश्चित तिथि नहीं है । लोगो द्वारा पता चलता है की जब वो 7 या 8 वर्ष के थे तब उनके माता […]
February 3, 2018
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हिन्दू महिलाएं मांग में सिंदूर को लगती है vaigyanik or adhyatmik karan

हिन्दू महिलाये मांग में सिंदूर को लगती है । वैज्ञानिक कारण ब्रम्हरनध ओर अधिम नमक मर्म स्थान के ठीक ऊपर सिंधुर लगती है जिसको मांग भी […]
February 1, 2018
Sita Ram Mooji music

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January 31, 2018
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