कैसी भी बाधा हो भगवान गणेश जी के इन मंत्रो से दूर हो जाती है

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कैसी भी बाधा हो भगवान गणेश जी के इन मंत्रो से दूर हो जाती है

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो बुधवार को इस तरह मंत्र, पूजा कर कई परेशानी दूर कर सकते हैं।

ऐसी मान्यता है की बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा का बहुत महत्व है |  साथ ही, इस दिन बुध ग्रह के निमित्त भी पूजा की जाती है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो बुधवार को इस तरह मंत्र, पूजा कर कई परेशानी दूर कर सकते हैं। शास्त्रों के मुताबिक़ कलियुग में गणेश जी के धूम्रकेतु रूप की पूजा की जाती है | किन्तु मनोकामना सिद्धि की लिए भगवान गणेश जी के चार भुजा वाली स्वरूप की पूजा कीजाती है | जिनमें से एक हाथ में अंकुश, दूसरे हाथ में पाश, तीसरे हाथ में मोदक व चौथे में आशीर्वाद है। इनमें खासतौर पर श्री गणेश के हाथ में मोदक प्रतीक रूप में जीवन से जुड़े संदेश देता है।

 

बुद्धि की कारक बुध ग्रह भी है जो  बुद्धि प्रदान करते है | इस तरह बुद्धि प्रधानता वाले दिवस पर बुद्धि के दाता श्री गणेश की मोदक का भोग लगाकर पूजा प्रखर बुद्धि व संकल्प के साथ सुख-सफलता व शांति की राह पर आगे बढऩे की प्रेरणा व ऊर्जा से भर देती है।

 

ज्योतिषीय मापदंड के अनुरूप दूर्वा छाया गृह केतु को संबोधित करती है। गणपति जी धुम्रवर्ण गृह केतु के अधिष्ट देवता है तथा केतु गृह से पीड़ित जातकों को गणेशजी को 11 अथवा 21 दूर्वा का मुकुट बनाकर गणेश कि मूर्ति/प्रतिमा पर जातक बुधवार कि सायं 4 से 6 बजे के बीच सूर्यास्त पूर्व गणेशजी को अर्पित करना हितकारी रहता है।

 

गणेश का पूजन

श्रीगणेश को सिंदूर, चंदन, यज्ञोपवीत, दूर्वा, लड्डू या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं। धूप व दीप लगाकर आरती करें। धन की कामना के लिए बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।

परिवार में कलह कलेश हो तो बुधवार के दिन दूर्वा के गणेश जी की प्रतिकात्मक मूर्ति बनवाएं। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि-विधान से पूजा करें।

पूजन में इस मंत्र का जप करें-

 

मंत्र-

 

प्रातर्नमामि चतुराननवन्द्यमानमिच्छानुकूलमखिलं च वरं ददानम्।

 

तं तुन्दिलं द्विरसनाधिपयज्ञसूत्रं पुत्रं विलासचतुरं शिवयो: शिवाय।।

 

प्रातर्भजाम्यभयदं खलु भक्तशोकदावानलं गणविभुं वरकुञ्जरास्यम्।

 

अज्ञानकाननविनाशनहव्यवाहमुत्साहवर्धनमहं सुतमीश्वरस्य।।

 

बिगड़े काम बनाने के लिए बुधवार को गणेश मंत्र का स्मरण करें-

 

त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय। नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।

 

प्रसन्न करने के लिए

 

ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।

 

निम्न मंत्र का जाप करने से गणेश जी बुद्धि प्रदान करते हैं:

 

श्री गणेश बीज मंत्र

 

ऊँ गं गणपतये नमः ।।

 

सिद्धि प्राप्ति मंत्र

 

एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

 

महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥

मंगल विधान और विघ्नों के नाश के लिए गणेश जी के इस मंत्र का जाप करें।

गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः।

द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः॥

विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः।

द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्‌॥

विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत्‌ क्वचित्‌।

श्री गणेश मूल मंत्र

 

श्री गणेश का पूजन जीवन में खुशियां लाता है। श्री गणेश के इन मूल मंत्रों का 108 बार नियमित जप करने से मनोकामना पूर्ति में सहायक होते हैं। किसी भी एक मंत्र का जप किया जा सकता है।

श्री गणेशाय नमः।

ऊँ गं गणपतये नमः।

ऊँ गं ऊँ

 

Source : Preeti jha 

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