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Maha Sudarshana Mantra

सुदर्शन चक्र भगवान विष्णु के शक्तिशाली  हथियार का नाम है। यह सबसे शक्तिशाली दिव्य हथियारों में से एक माना जाता है जो सभी बुराइयों को नष्ट करने में सक्षम है।

सुदर्शन चक्र एक कताई, डिस्क की तरह सुपर हथियार है, जिसे भगवान विष्णु द्वारा इस्तेमाल किया जाता है और इस चक्र में 108 दाँतेदार किनार हैं। सुदर्शन चक्र को विष्णु के चार हाथों के दाहिने पीछे के हाथ पर चित्रित किया गया है, जो अपने बाएं हाथ के हाथ में एक शंख (शंख शेल) रखता है, उसके बाएं पीछे के हाथ में एक गदा (गदा) और एक पद्मा (कमल कली) ) अपने दाहिने हाथ में है ।

पुराणों के अनुसार, सुदर्शन चक्र का प्रयोग दुश्मन के अंतिम विनाश के लिए किया जाता है। सुदर्शन चक्र के साथ भगवान विष्णु का चित्रण का भी अर्थ है कि भगवान विष्णु खगोलीय पिंडों और स्वर्गों का रक्षक है।

निम्नलिखित सुदर्शन मूल मंत्र नियमित रूप से दुश्मनों द्वारा किए गए सभी दुःखों को अप्रत्याशित घटनाओं से बचाने के लिए और भूतों की तरह बुराइयों को दूर रखने के लिए जताया जा सकता है।

इस मंत्र के नियमित रूप से जप से भगवान सुदर्शन की कृपा से भक्त के शरीर को एक दैवीय आभा में शामिल किया जाएगा। यह मंत्र भूतों और अन्य बुरी ताकतों और सत्रु से बैचने के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।

ॐ श्रीम ह्रीं कलीम
कृष्णाय गोविन्दाय
गोपीजन वल्लभाय

पराया परम पुरुषाय परमात्माने
पारा कर्मा मंत्र यंत्र तंत्र
ौषधा विषा आभिचारा अस्त्र शस्त्राणि
संहारा संहारा मृत्युर मचाया मचाया !

ॐ नमो भगवती महा सुदर्शनाय
ॐ प्रोम रीम रम
दीप्तरए ज्वाला परीतय
सर्वे विक्षोभना कराया
हूँ पहात पारा ब्राह्मणी
परम ज्योतिषी स्वाहा !

ॐ नमो भगवती सुदर्शनाय
ॐ नमो भगवती महा सुदर्शनाय
महा चकराया महा ज्वालाय
सर्व रोग प्रशमनया
कर्मा बंधा विमोचनाया
पदाथि मास्था पर्यन्तं
वादा जनिता रोगों
पिता जनिता रोगों
श्लेष्मा जनिता रोगों
दाठु सनकालीकोठ भाव
नाना विकार रोगों
नसाया नसाया
परसमय परसमय
आरोगियां देहि देहि
ॐ सहस रारा हम पहात स्वः

Sudarshana Mantra in English

Om Shreem Hreem Kleem
Krishnaaya Govindaaya
Gopeejana vallabhaaya

Paraya Param Purushaaya Paramathmaney
Para Karma Manthra Yanthra Thantra
Owshadha Visha Aabhichara Astra Shastraani
Samhara Samhara Mrithyur Mochaya Mochaya!

Om Namo Bhagavathey Maha Sudarshanaaya
Om Prom Reem Rum
Deepthrey Jwaala Pareethaya
Sarwa Dhikshobhana Karaaya
Hoom Phat Para Brahmaney
Param Jyothishey Swaaha!

Om Namo Bhagavathey Sudarshanaaya
Om Namo Bhagavathey Maha Sudarshanaaya
Maha Chakraya Maha Jwalaaya
Sarva Roga Prashamanaya
Karma Bandha Vimochanaya
Paadaathi Mastha Paryantham
Vaada Janitha Rogaan
Pitha Janitha Rogaan
Shlesma Janitha Rogaan
Daathu sankalikoth bhava
Naanaa Vikaara Rogaan
Nasaya Nasaya
Prasamaya Prasamaya
Aarogiyam Dehi Dehi
Om Sahas rara Hum Phat Swaha!

2 Comments

  1. Jhapali says:

    How to use?is there any rules for this mantra you posted?

    • aghora says:

      Best Days To Chant (If you are unable to chant daily) : Wednesdays, Fridays, Saturdays, Sundays, your birth

      Best Time To Chant : During Sandhya kala

      Number of Times To Chant : 3, 9, 11, or 108 times.

      Who Can Chant This Mantra : Anyone regardless of their gender and age

      Flower Offerings : Tulasi leaves and lotus flowers

      Chant This Mantra Facing : North or East

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