April 19, 2019

कुछ बिन्दु जिन्दगी के लिये

👉 *कुछ बिन्दु जिन्दगी के लिये* *1. प्रतिदिन 10 से 30 मिनट टहलने की आदत बनायें. चाहे समय ना हो तो घर मे ही टहले , टहलते समय चेहरे पर मुस्कराहट रखें.* 2. प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट चुप रहकर बैठें. *3. पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा पुस्तकें पढ़ें.* 4. 70 साल की उम्र से अधिक आयु के बुजुर्गों और 6 साल से कम आयु के बच्चों के साथ भी कुछ समय व्यतीत करें. *5. प्रतिदिन खूब पानी पियें.* 6. प्रतिदिन कम से कम तीन बार ये सोचे की मैने आज कुछ गलत तो नही किया. *7. गपशप पर अपनी कीमती ऊर्जा बर्बाद न करें.* 8. अतीत के मुद्दों को भूल जायें, अतीत की गलतियों को अपने जीवनसाथी को याद न दिलायें. *9. एहसास कीजिये कि जीवन एक स्कूल है और आप यहां सीखने के लिये आये हैं. जो समस्याएं आप यहाँ देखते हैं, वे पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं.* 10. एक राजा की तरह नाश्ता, एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक भिखारी की तरह रात का खाना खायें. *11. दूसरों से नफरत करने में अपना समय व ऊर्जा बर्बाद न करें. नफरत के लिए ये जीवन बहुत छोटा है.* 12. आपको हर बहस में जीतने की जरूरत नहीं है, असहमति पर भी अपनी सहमति दें. *13. ..
April 19, 2019

डर लगता है

*आमाशय* को डर लगता है जब आप सुबह का नाश्ता नहीं करते हैं। *किडनी* को डर लगता है जब आप 24 घण्टों में 10 गिलास पानी भी नहीं पीते। *गाल ब्लेडर* को डर लगता है जब आप 10 बजे रात तक भी सोते नहीं और सूर्योदय तक उठते नहीं हैं। *छोटी आँत* को डर लगता है जब आप ठंडा और बासी भोजन खाते हैं। *बड़ी आँतों* को डर लगता है जब आप तैलीय मसालेदार मांसाहारी भोजन करते हैं। *फेफड़ों* को डर लगता है जब आप सिगरेट और बीड़ी के धुएं, गंदगी और प्रदूषित वातावरण में सांस लेते है। *लीवर* को डर लगता है जब आप भारी तला भोजन, जंक और फ़ास्ट फ़ूड खाते है। *हृदय* को डर लगता है जब आप ज्यादा नमक और केलोस्ट्रोल वाला भोजन करते है। *पैनक्रियाज* को डर लगता है जब आप स्वाद और फ्री के चक्कर में अधिक मीठा खाते हैं। *आँखों* को डर लगता है जब आप अंधेरे में मोबाइल और कंप्यूटर के स्क्रीन की लाइट में काम करते है। और *मस्तिष्क* को डर लगता है जब आप नकारात्मक चिन्तन करते हैं। आप अपने तन के कलपुर्जों का पूरा- पूरा ख्याल रखें और इन्हें मत डरायें । ये सभी कलपुर्जे बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। जो उपलब्ध हैं वे बहुत महँगे हैं और शायद आपके शरीर मे..
April 18, 2019

बिना डरे घी खाएं

♥ हार्ट अटैक के रोगी को बिना घी की रोटी खाने की सलाह दे कर मूर्ख बनाया जाता है, आइये जानें सच्चाई….? सनातन पद्धति में पांच अमृत और पंचगव्य की चर्चा है पंच अमृत:-गाय का दूध, दही, घी, देशी खांड और शहद। पंचगव्य:- गाय का दूध, दही, घी, गोबर और गौमूत्र। 🧠 हर घर से एक आवाज जरुर आती है, मेरे लिए बिना घी की रोटी लाना आपके घर से भी आती होगी, लेकिन घी को मना करना सीधा सेहत को मना करना है। पहले के जमाने में लोग रोजमर्रा के खानों में घी का इस्तेमाल करते थे। घी का मतलब देसी गाय का शुद्ध देशी घी। घी को अच्छा माना जाता था। कोलेस्ट्रोल और हार्ट अटैक जैसी बीमारियाँ कभी सुनने में भी नही आती थी। ♥ राजस्थान में अभी भी कई गावों में बारात का स्वागत घी पिला कर किया जाता है अथवा राजस्थानी डिश (खीच/खिचड़ी) परोस कर देशी घी से मनुहार की जाती है…. घी की गलत पब्लिसिटी कर करके बड़ी बड़ी विदेशी कंपनियों ने डॉक्टरों के साथ मिलकर अपने बेकार और यूजलेस प्रोडक्ट को भारत में सेल करने के लिए लोगों में घी के प्रति नेगेटिव पब्लिसिटी शुरू कर दी। ये कहा जाता रहा कि घी से मोटापा आता है, कोलेस्ट्रोल बढता है, हार्ट अटैक की सम्भावनाए..
April 18, 2019

मुँह में छाले

👅मुँह में छालेः 🔅पहला प्रयोगः पान में उपयोग किया जाने वाला कोरा कत्था लगाने से छाले में राहत होती है। 🔅दूसरा प्रयोगः सुहागा एवं शहद मिलाकर छालों पर लगाने से या मुलहठी का चूर्ण चबाने से छालों में लाभ होता है। 🔅तीसरा प्रयोगः मुँह के छालों में त्रिफला की राख शहद में मिलाकर लगायें। थूक से मुँह भर जाने पर उससे ही कुल्ला करने से छालों से राहत मिलती है। ✅छाले कब्जियत अथवा जीर्ण ज्वर के कारण होते हैं। अतः इन रोगों का उपचार करें। 🔅🔆आरोग्य निधि 🔆🔅 Advertisements
April 17, 2019

🍃 भूमि आंवला 🍃

🌺भूमि आंवला लिवर के रोगियों के लिए वरदान। 🌹भूमि आंवला लीवर की सूजन, सिरोसिस, फैटी लिवर, बिलीरुबिन बढ़ने पर, पीलिया में, हेपेटायटिस B और C में, किडनी क्रिएटिनिन बढ़ने पर, मधुमेह आदि में चमत्कारिक रूप से उपयोगी हैं। 🌹यह पौधा लीवर व किडनी के रोगो मे चमत्कारी लाभ करता है। यह बरसात मे अपने आप उग जाता है और छायादार नमी वाले स्थानो पर पूरा साल मिलता है। इसके पत्ते के नीचे छोटा सा फल लगता है जो देखने मे आंवले जैसा ही दिखाई देता है। इसलिए इसे भुई आंवला कहते है। इसको भूमि आंवला या भू धात्री भी कहा जाता है। यह पौधा लीवर के लिए बहुत उपयोगी है। इसका सम्पूर्ण भाग, जड़ समेत इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके गुण इसी से पता चल जाते हैं के कई बाज़ीगर भूमि आंवला के पत्ते चबाकर लोहे के ब्लेड तक को चबा जाते हैं। 🌹बरसात मे यह मिल जाए तो इसे उखाड़ कर रख ले व छाया मे सूखा कर रख ले। ये जड़ी बूटी की दुकान पंसारी आदि के पास से आसानी से मिल जाता है। 🌷साधारण सेवन मात्रा आधा चम्मच चूर्ण पानी के साथ दिन मे 2-4 बार तक। या पानी मे उबाल कर छान कर भी दे सकते हैं। इस पौधे का ताज़ा रस अधिक गुणकारी है। 🌷लीवर की सूजन, बिलीरुबिन ..

PAURANIK KATHA