Aghori

August 9, 2018
जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 देवताआं के घोतक हैं।  उन तैंतीस देवताओं में 8 वसु 11 रुद्र और 12 आदित्यठ 1 प्रजापति तथा 1 षटकार हैं।  इन तैंतीस देवताओं की सम्पूर्ण शक्तियाँ महामृत्युंजय मंत्र से निहीत होती है जिससे महा महामृत्युंजय का पाठ करने वाला प्राणी दीर्घायु तो प्राप्त करता ही हैं ।  साथ ही वह नीरोग, ऐश्व‍र्य युक्ता धनवान भी होता है । महामृत्युंरजय का पाठ करने वाला प्राणी हर दृष्टि से सुखी एवम समृध्दिशाली होता है । भगवान शिव की अमृतमययी कृपा उस निरन्तंर बरसती रहती है।

Maha Mrityunjaya Mantra ka rahasya Aap Nahi Jante Honge

*ॐ त्र्यंबकम् मंत्र* के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 देवताआं के घोतक हैं। उन तैंतीस देवताओं में 8 वसु 11 रुद्र और […]
July 2, 2018
2-3 लोंग(Clove) अदरक(ginger) और थोडा सा नमक को मिक्स करके उसका पेस्ट बना लीजिये और फिर दिन में दो बार 1 चम्मच करके इस पेस्ट को खाए इससे जुकाम में राहत मिलेगी

Sardi Jukam ke Gharelu Upay

सर्दी जुकाम के इलाज के आयुर्वैदिक उपाय बदलते मौसम के कारण सर्दी जुकाम का होना आम बात है कई बार ऐसा भी होता है धुप में […]
July 2, 2018

Cumin seeds benefits for health

जीरे के चमत्कारिक औषधीय गुण वजन कम करने के साथ साथ यह बहुत सारी अन्य बीमारियां से भी बचता है, जैसे कोलेस्ट्रॉल कम करता है, हार्ट […]
May 23, 2018
अरुण देवता का विनता के पुत्र और गरुड़ के ज्येष्ठ भ्राता के रूप में उल्लेख हुआ है। पौराणिक कल्पना के अनुसार यह 'पंगु' अर्थात् पाँवरहित हैं। प्राय: सूर्य मंदिरों के सामने अरुण-स्तम्भ स्थापित किया जाता है। इसका भौतिक आधार है, सूर्योदय के पूर्व अरुणिमा (लाली)। इसी के रूपक का नाम 'अरुण' है।

Kya aap Garud Dev ke Janam ka Rahasya Jante hai

आप सब गरुड़ देव को तो जानते होंगे पर उनके जनम और उनकी माता पिता के बारे में बहुत काम लोग जानते है हम आज उसी […]