आप नही जानते होंग अघोरी किस्को अपनाता है

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आप नही जानते होंग अघोरी किस्को अपनाता है

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अघोरी बनने की सबसे पेहली शर्त यह है की अपने मन से घृणा को निकालना। संसार मे लोग जिनसे घ्रिना करते है अघोरी उंलोगो को अपनाता है । चाहेवो कोइ वस्तु हो या कोई इंसान । लोग शम्सान से और उसके साथ सम्बंद रखने वाली वस्तुओ से नफरत करते है पर अघोरि उनको अपनाअता है । क्यूँकि अघोरी हर वस्तु समान भाव से देख्त है। हर किसी को एक समान समज्ता है। कोइभी उसके पास जाए उसके भले के लिए अपनी विद्या का प्रयोग करता है।

अघोर विद्या सबसे कठिन लेकिन तत्काल फलित होने वाली विद्या है। साधना के पूर्व मोह-माया का त्याग जरूरी है। मूलत: अघोरी उसे कहते हैं जिसके भीतर से अच्छे-बुरे, सुगंध-दुर्गंध, प्रेम-नफरत, ईर्ष्या-मोह जैसे सारे भाव मिट जाएं। सभी तरह के वैराग्य को प्राप्त करने के लिए ये साधु श्मशान में कुछ दिन गुजारने के बाद पुन: हिमालय या जंगल में चले जाते हैं।

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