काला जादू क्या होता है, कैसे बचे इससे

मनुष्य ने अपने स्वार्थ के लिए नाना प्रकार की सिद्धियाँ की एवं उस पर विजय प्राप्त करने के बाद स्वार्थ-परमार्थ दोनों कार्य भी किए। किसी ने भैरव को, किसी ने दुर्गा को, किसी ने हनुमान जी को इस प्रकार सभी ने अपने-‍अपने हिसाब से देवताओं की आराधना कर सिद्ध किया और अपने कार्य को किया।
Guru Gorakhnath ka Priya mantra Janjira
August 13, 2018
Deadpool 2 2018 Full Hindi Movie Download Dual Audio BRRip 720p
August 20, 2018

काला जादू क्या होता है, कैसे बचे इससे

kala-jadu-kya-hota-hai-or-isse-kaise-bache

kala-jadu-kya-hota-hai-or-isse-kaise-bache

काला जादू, टोने, टोटके या अन्य किसी के द्वारा किया कराया जैसी बातें भी समाज में प्रचलित है। हालांकि इनकी सचाई के बारे में कोई नहीं जानता। कुछ लोग मानते हैं कि काला जादू होता है और कुछ लोग इसे वहम मानते हैं। अब यह तो शोध का विषय हो सकता है।
माना जाता है कि काला जादू उसे कहते हैं जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने स्वार्थ को साधने का प्रयास करता है या किसी को नुकसान पहुंचाना के काम करता है। बंगाल और असम को काला जादू का गढ़ माना जाता रहा है। काले जादू के माध्यम से किसी को बकरी बनाकर कैद कर लिया जाता है या फिर किसी को वश में कर उससे मनचाहा कार्य कराया जा सकता है। काले जादू के माध्यम से किसी को किसी भी प्रकार के भ्रम में डाला जा सकता है और किसी को मारा भी जा सकता है।
माना जाता है कि काला जादू शरीर में नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है। ये शक्तियां बाहरी व्यक्ति के द्वारा भेजी जाती हैं जो उस व्यक्ति पर आतंरिक प्रभाव डालती है। दरअसल काला जादू मनोवैज्ञानिक ढंग से कार्य करता है। काला जादू करने वाले आपके अचेतन मन को पकड़ लेते हैं। इसका प्रभाव आपके मन पर होता है।
काले जादू को अभिचार के नाम से भी जाना जाता है अर्थात ऐसा तंत्र-मंत्र जिससे नकारात्मक शक्तियों को जागृत किया जाता है। काले जादू अर्थात नकारात्मक तंत्र-मंत्र का मुख्य उद्देश किसी व्यक्ति को उस स्थान से भगाना, उसे परेशान करना या उसे अपने वश में करके उसका इस्तेमाल करना या उसे बर्बाद करना होता है।
काले जादू के अंतर्गत मूठकर्णी विद्या, वशीकरण, स्तंभन, मारण, भूत-प्रेत, टोने और टोटके आदि आते हैं। अधिकतर इसे तांत्रिक विद्या भी कहते हैं। इसके अलाव बहुत से ऐसे पारंपरिक अंधविश्वास और टोटके हैं जो अंधविश्वास हैं, जो लोक परंपरा से आते हैं जिनके पीछे कोई ठोस आधार नहीं होता। ये शोध का विषय भी हो सकते हैं। इसमें से बहुत-सी ऐसी बातें हैं, जो धर्म का हिस्सा हैं और बहुत-सी बातें नहीं हैं।
काले जादू से ग्रसित व्यक्ति के लक्षण : काले जादू, टोने टोटके या तंत्र-मंत्र से ग्रसित व्यक्ति के लक्षण इस प्रकार होते हैं जैसे मानसिक अवरोध, श्वासों में भारीपन या तेज चलना, गले में खिंचाव, बिना किसी चोट के जांघ पर नीले रंग के निशान आना, हृदय में भारीपन महसूस होना, पर्याप्त नींद न आना, किसी की मौजूदगी का भ्रम होना आदि।
इसके अलावा घर में बिना किसी विशेष कारण के कलह या लड़ाई-झगड़ा, निराशा, कुंठा, बैचेनी, अशांति तथा उत्साह की कमी भी इसी का परिणाम है। ऐसे माहौल में घर के किसी सदस्य की अप्राकृतिक मृत्यु, व्यवसाय में अचानक हानि का होना इसके पुख्ता लक्षण माने गए हैं।
कहते हैं कि यदि काले जादू का समय रहते उपाय न किया जाए तो यह अत्यंत विनाशकारी, भयानक तथा घातक हो सकता है जिसके परिणामस्वरूप जातक की जिंदगी तबाह तथा बर्बाद हो सकती है या फिर उसे कोई भयानक बीमारी अपने अधिन कर सकती है। जब अचानक से आपका अच्छा समय बुरे समय में बदल जाता है तो ऐसी संभावनाएं हो सकती हैं कि आपको या आपके घर को किसी की बुरी नजर लग गई है या किसी ने कुछ किया है।
काले जादू से बचने के उपाय :

1.पानीदार एक नारियल लें और उसे अपने ऊपर से 21 बार वारें। वारने के बाद उसे किसी देवस्थान पर जाकर अग्नि में जला दें। ऐसा परिवार के जिस सदस्य पर संकट हो उसके ऊपर से वारें। उक्त उपाय किसी मंगलवार या शनिवार को करना चाहिए। 5 शनिवार ऐसा करने से जीवन में अचानक आए कष्ट से छुटकारा मिलेगा। यदि किसी सदस्य की सेहत खराब है तो ऊसके लिए यह ऊपाय उत्तम है।

2.प्रतिदिन हनुमान चालिसा पढ़ते रहें। कम से कम 43 दिन तक प्रतिदिन बजरंग बाण पढ़ें। कभी कभार घर में सुंदरकांड का पाठ भी करवाएं।

3.प्रतिदिन सुबह और शाम को कर्पूर जलाना चाहिए। इसके अलावा कभी कभी गुढ़ घी मिलाकर उसके कंडे पर धूप देना चाहिए।

4.पूर्णिमा, अमावस्या, तेरस, चौदस और मंगलवार के दिन विशेष ध्यान रखें। इस दिन पवित्र बने रहें।

5.पांच शनिवार शनि मंदिर में छाया दान करें। अर्थात एक कटोरी में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखकर उसे मंदिर में रख दें।

6.घर में गौमूत्र का छिड़कावर करें और हो सकते तो कुछ दिन थोड़ा-थोड़ा गौमूत्र पीने से भी लाभ प्राप्त होते हैं।

7.सफेद आंकड़े का पौधा घर में लगाएं तथा इस पौधे की जड़ को कुछ दिन के लिए गले में बांध लें।

8. एक नींबी लेकर 21 बार अपने उपर या पीड़ित व्यक्ति के उपर से वारे और उसे किसी चौराहे पर रख आएं। पीछे पलटकर ना देंखे।

9.जावित्री, गायत्री केसर और गूगल मिलाकर 21 दिन तक सुबह शाम गाय के कंडे (उपले) पर रखकर जलाएं।

10.कालिका माता को 7 गुलाब के फूल चढ़ाकर 21 बार ॐ क्रीं का जाप करें। इसके बाद इनमें से एक गुलाब के फूल के 7 पत्ते व्यक्त को खिला दें।

11.देव दानव सिद्धौघ पूजिता परमेश्वरी
पराण रूप परमा परतंत्र विनाशिनी
शाम के समय ये मंत्र 11 बार पढ़ते हुए घर में धूपबत्ती जलाने से दूसरे की बुरी नजर, टोना टोटाक आदि अभिचार कर्म नष्ट हो जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *