December 25, 2017

Durgaashtakam – Peaceful Music For Protection, Healing, Relaxation and Meditation

December 25, 2017
pingala rishi

Ese Rishi Jinhone Binary system ki Rachna Varsho Pehle ki

‘चन्द्रष्ट’, ऋषि पिंगला का निर्माण, जिसे पिंगला-सूत्र भी कहा जाता है, संस्कृत प्रोसॉडी पर सबसे पहले ज्ञात ग्रंथ है। कॉम्बिनाटोरिक्स में पिंगला का ग्रंथ गॉटफ्रिड लेबिनित्ज़ […]
December 25, 2017
किसी भी सैद्धांतिक साधना के लिए साधक को न्यूनतम डेढ़ से दो घंटे तक के स्थिर आसन पर पूर्ण एकाग्रता व साधना काल में ब्रह्मचर्य का अभ्यास होना अनिवार्य होता है !

sadhak ka man or yogyata

साधक के लक्षण व योग्यताएं किसी भी सैद्धांतिक साधना के लिए साधक को न्यूनतम डेढ़ से दो घंटे तक के स्थिर आसन पर पूर्ण एकाग्रता व […]
December 24, 2017

सूर्य नमस्कार के फायदे और 3 टिप्स

सूर्य नमस्कार सबसे जाने-माने योग अभ्यासों में से एक है। इसका प्रभाव पूरे शरीर पर महसूस किया जा सकता है। लेकिन क्या आध्यात्मिक साधना करने वालों […]
December 24, 2017

Dhyan Yog and Yog Nidra

Dhyan Yog and Yog Nidra ऊँ नमो नारायण जी । ध्यान योग में शांति प्राप्त करने के जितने रास्ते बताये गये हैं । उनमें योग निद्रा […]

भगवान शिव को तंत्र शास्त्र का देवता माना जाता है।

अघोरपंथ के जन्मदाता भी भगवान शिव ही हैं। पवित्र श्रावण मास चल रहा है। इस महीने में मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा का विधान है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा के दो तरीके बताए गए हैं पहला है सात्विक व दूसरा तामसिक। सात्विक पूजा के अंतर्गत भगवान शिव की पूजा फल, फूल, जल आदि से की जाती है। वहीं तामसिक पूजा के अंतर्गत तंत्र-मंत्र आदि से शिव को प्रसन्न किया जाता है।

PAURANIK KATHA