November 23, 2017

कृष्ण ने राधा से क्यों नहीं किया था विवाह!

भगवान विष्णु जी अवतार लेते रहते थे इस कारण उनकी पत्नी देवी लक्ष्मी जी की भी इच्छा हुई कि वह भी भगवान विष्णु जी के साथ […]
November 23, 2017

भीम क्यों जला देना चाहते थे युधिष्ठिर के दोनों हाथ?

भीम और युधिष्ठिर | महाभारत के प्रमुख पात्र भीम, अर्जुन, नकुल व सहदेव अपने बड़े भाई युधिष्ठिर का बहुत आदर करते थे। युधिष्ठिर जो आज्ञा देते, उनके […]
November 23, 2017

गांधारी के श्राप के कारण हुआ यदुवंश का नाश

अठारह दिन चले महाभारत के युद्ध में रक्तपात के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। इस युद्ध में कौरवों के समस्त कुल का नाश हुआ, साथ ही […]
November 23, 2017

दानवीर कर्ण थे पूर्वजन्म के पापी, उन्हीं का मिला दंड

कर्ण जिन्हें सूर्यपुत्र, राधेय, वासुसेना, अंगराज, जैसे कई नामों से जाना जाता है, कर्ण जोकि अर्जुन से श्रेष्ठ धनुर्धर और महान यौद्धा था। जिसे धृतराष्ट्र के […]
November 20, 2017

जानिये जन्मदिन के अनुसार कैसा होता है जातक का स्वाभाव

ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति का जन्म जिस वार को होता है, उस वार के कारक ग्रह का प्रभाव भी जीवनभर बना रहता है। ज्योतिष के अनुसार […]

भगवान शिव को तंत्र शास्त्र का देवता माना जाता है।

अघोरपंथ के जन्मदाता भी भगवान शिव ही हैं। पवित्र श्रावण मास चल रहा है। इस महीने में मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा का विधान है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा के दो तरीके बताए गए हैं पहला है सात्विक व दूसरा तामसिक। सात्विक पूजा के अंतर्गत भगवान शिव की पूजा फल, फूल, जल आदि से की जाती है। वहीं तामसिक पूजा के अंतर्गत तंत्र-मंत्र आदि से शिव को प्रसन्न किया जाता है।

PAURANIK KATHA