भगवान शिव को तंत्र शास्त्र का देवता माना जाता है।

अघोरपंथ के जन्मदाता भी भगवान शिव ही हैं। पवित्र श्रावण मास चल रहा है। इस महीने में मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा का विधान है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा के दो तरीके बताए गए हैं पहला है सात्विक व दूसरा तामसिक। सात्विक पूजा के अंतर्गत भगवान शिव की पूजा फल, फूल, जल आदि से की जाती है। वहीं तामसिक पूजा के अंतर्गत तंत्र-मंत्र आदि से शिव को प्रसन्न किया जाता है।
December 15, 2017
अपने शिष्य भीष्म को नहीं कर सके पराजित

Interesting Facts of Lord Parshurama in Hindi

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इसी दिन […]
December 13, 2017
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Aap Ye Nahi Jante Honge Pancha Mukha Hanumath Kavacham Kisne Bnaya

श्री पंचमूख अंजनेया स्वामी श्री राघवेंद्र स्वामी का मुख्य देवता था। वह जगह जिस पर उन्होंने हनुमान के इस पांच-मुखौटा रूप पर ध्यान दिया था, उसे […]
December 12, 2017

Maha Sudarshana Mantra

सुदर्शन चक्र भगवान विष्णु के शक्तिशाली  हथियार का नाम है। यह सबसे शक्तिशाली दिव्य हथियारों में से एक माना जाता है जो सभी बुराइयों को नष्ट […]
December 8, 2017
Bhagwan parshuram Story in Hindi, परशुराम की कथा

जानिए, अपनी माता का वध क्यों किया था परशुराम ने

आज हम आप को बताये गए को काटा था परशुराम ने अपनी माँ का सर , और कहा पे उनको अपनी माँ के हत्या के पास […]
December 6, 2017
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Shani Dev Se Jude Adbhut Rahsya

काशी-विश्वनाथ की स्थापना करी थी शनि देव ने :- स्कन्द पुराण में काशी खण्ड में वृतांत आता है, कि छाया सुत श्री शनिदेव ने अपने पिता भगवान […]